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ख़ास ख़बर  | 02.07.2009

एयर फ्रांस विमान 'हवा में टूट कर नहीं बिखरा'

 

फ्रांस के अधिकारियों का कहना है कि एयर फ्रांस का लापता विमान हवा में टूट कर नहीं बिखरा बल्कि अटलांटिक में गिरने के बाद ही कई हिस्सों में टूटकर दुर्घटना का शिकार हुआ. स्पीड सेंसर एक वजह बताई लेकिन एकमात्र कारण नहीं.

 

फ्रांस के जांचकर्ताओं का कहना है कि यह समझना बेहद मुश्किल है कि वास्तव में क्या कारण थे जिस वजह से विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ. उनके अनुसार 35,000 फ़ीट की ऊंचाई और पानी की सतह के बीच क्या हुआ ये नहीं कहा जा सकता. विमान के फ़्लाइट रेकॉर्डर्स नहीं मिले हैं इसलिए ये काम और मुश्किल हो गया है.  600 से ज़्यादा हिस्से और 51 शव बरामदBildunterschrift: Großansicht des Bildes mit der Bildunterschrift:  600 से ज़्यादा हिस्से और 51 शव बरामद

अभी तक की जांच के मुताबिक़ विमान बेहद तेज़ गति से अपनी उड़ान की दिशा में ही नीचे गिरता चला गया और फिर पानी से टकराया. विमान में यात्रियों की लाइफ़ जैकेट भी नहीं फुलाई गई थी यानि यात्रियों को चेतावनी नहीं दी गई थी कि विमान अटलांटिक महासागर में गिर रहा है.

अभी तक आशंका जताई जाती रही है कि विमान में पुरानी तकनीक पर काम करने वाले स्पीड सेंसर यानि गति संवेदकों के कारण पायलट को सही सूचना नहीं मिल पाई और इस वजह से विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ. जांच अधिकारी एलेन बोलार्ड का कहना है कि यह एक वजह हो सकती है लेकिन एकमात्र कारण नहीं. उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान न तो आग लगने के सुबूत मिले और न ही विस्फोटक पदार्थ के.

बोलार्ड के मुताबिक़ सेनेगल में डकार कंट्रोल स्टेशन में संपर्क न हो पाने और विमान के लापता होने की पुष्टि करने में 6 घंटे का समय लग गया और इतनी देर होना चिंताजनक है. एयर फ्रांस विमान के दुर्घटनाग्रस्त विमान के कारणों की जांच कर रही टीम 10 जुलाई तक फ़्लाइट रेकॉर्डर्स की तलाश करती रहेगी. टीम ने ज़ोर देकर कहा है कि अभी वह पुख़्ता तौर पर नहीं कह सकती है कि विमान किस वजह से दुर्घटना का शिकार हुआ.

फ़्लाइट रिकॉर्डर्स की तलाश  Bildunterschrift: Großansicht des Bildes mit der Bildunterschrift:  फ़्लाइट रिकॉर्डर्स की तलाश एक जून को रियो डी जनेरियो से पेरिस जा रहा विमान अटलांटिक महासागर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. विमान में 228 यात्री सवार थे. अब तक की जांच में 51 शव और जहाज़ के 600 से ज़्यादा हिस्से या उससे जुड़ी चीजें मिल चुकी हैं.

फ्रेंच ऑफ़िस ऑफ़ एक्सीडेंट इन्वेस्टीगेशन के अधिकारी एलेन बोलार्ड के मुताबिक़ विमान लापता हुआ है या नहीं, यही पता लगाने में घंटों लग गए. जब कोई विमान किसी देश के वायुक्षेत्र में प्रवेश करता है तो फ़्लाइट कंट्रोल स्टेशन से वह संपर्क स्थापित करता है.

ब्राज़ील ने इनकार किया है कि उनकी ओर से किसी तरह की कोताही या देरी हुई. फ्रांस ने आरोप लगाया था कि ब्राज़ील विमान के लापता होने की जानकारी समय रहते नहीं दे पाया.

ब्राज़ील से उड़ान भरने के बाद विमान को सेनेगल में कंट्रोल स्टेशन से संपर्क करना था लेकिन ऐसा नहीं हुआ. फ्रांस के अधिकारी कहते हैं कि सेनेगल को विमान के आने की सूचना दी ही नहीं गई थी लेकिन ब्राज़ील का कहना है एयरबस का फ़्लाइट प्लान सेनेगल को दिया गया था और सेनेगल में अधिकारियों को फ़ोन से सूचित भी कर दिया गया था.

रिपोर्ट - एजेंसियां/ एस गौड़

संपादन - एम गोपालकृष्णन

 
 

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