सरोकार | 05.07.2009
शोपियां मामले में दोबारा पोस्टमार्टम का आदेश
शनिवार को जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट ने शोपियां मामले में एक अहम फ़ैसला सुनाते हुए कहा शोपियां में पिछले महीने दो महिलाओं के कथित बलात्कार और हत्या के मामले में फिर से पोस्टमार्टम किया जाए. अब उनके शवों को क़ब्र से निकाल कर फिर पोस्टमॉर्टम किया जाएगा.
ये ध्यान में आने के बाद कि दोनों महिलाओं की डीएनए रिपोर्ट नहीं है, जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने शनिवार को आसिया और निलोफर की शवों की दोबारा जांच करने के आदेश दिये. इस खंडपीठ में चीफ जस्टिस बारिन घोष और जस्टिस मोहम्मद याकुब मीर हैं. फ़ैसला सुनाते हुए उन्होंने कहा कि "ये एक बहुत संवेदनशील मामला है. जाति और पंथ से परे हर आदमी ये चाहता है कि इस मामले में आरोपियों को सज़ा मिले."
शोपियां में इन महिलाओं के शव मिलने के बाद भारी हिंसक प्रदर्शन हुए थे और लोगों की मांग थी इस मामले में जांच की जाए.
जम्मू कश्मीर के उच्च न्यायालय ने इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस फारुक़ अहमद को मामले की जांच के लिये मुख्य अधिकारी नियुक्त किया है और उनकी सहायता के लिये डीआईजी रउफ-उल-हसन हैं. हसन विशेष दल की कार्रवाई पर नज़र रखेंगे.
उच्च न्यायालय ने कश्मीर हाईकोर्ट बार असोसियेशन की दलील सुनने के बाद ये फ़ैसला सुनाया है. कश्मीर हाईकोर्ट बार असोसिएशन ने इस मामले में अपील की थी.
विशेष खंडपीठ ने कश्मीर बार असोसिएशन से कहा है कि वो मृतकों के परिवारों को डीएनए के नमूने इकट्ठा करने के लिये मनाए. साथ ही उन्होंने विषेश जांच दल को आदेश दिये है कि वह घटनास्थल पर मौजूद सभी लोगों की एक सूची बनाएं.
29 मई को आसियान और निलोफर के शव शोपियां में मिले थे जिसके बाद घाटी में कई दिन हिंसक प्रदर्शन हुए थे और अलगाववादी नेताओं ने बंद की घोषणा की थी.
रिपोर्ट-एजेंसियां/आभा मोंढे





















